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वंदे भारत



वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन

18 नवम्बर 2016 से 20 नवम्बर 2016 तक सूरजकुंड में आयोजित “रेल विकास शिविर” के दौरान, यात्री ट्रेनों में लोको-हॉल्ड प्रणाली की तुलना में मल्टीपल यूनिट्स के सिद्ध लाभ और विश्वसनीयता को देखते हुए, इंटरसिटी सुपरफास्ट ट्रेनों के लिए ट्रेन-सेट्स (इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट्स) बनाने का विचार सामने आया। यह मूल रूप से लोको-हॉल्ड इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनों को ईएमयू प्लेटफॉर्म पर बने ट्रेन-सेट्स से बदलने की योजना थी।

सत्र के दौरान विस्तृत चर्चा के बाद, भारत में ही विश्व-स्तरीय ट्रेन-सेट्स बनाने का निर्णय लिया गया। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई को ‘‘मेक इन इंडिया’’ के तहत इन ट्रेन-सेट्स का निर्माण केंद्र चुना गया, जिसकी लागत आयातित ट्रेन-सेट्स की तुलना में काफी कम हो। आईसीएफ ने 2018 में ऐसे ट्रेन-सेट का निर्माण करने की योजना बनाई और इस परियोजना का कोड नाम रखा गया — ट्रेन-18।

मुख्य विशेषताएँ

❖ आईसीएफ, चेन्नई द्वारा निर्मित यह ट्रेन-सेट एक अर्ध-उच्च गति (Semi-High Speed) मल्टीपल यूनिट ट्रेन-सेट है।

❖ इसमें तेज़ गति से त्वरित (त्वरण) करने की क्षमता और आधुनिक यात्री सुविधाएँ हैं।

❖ यह यात्रियों को आराम और गति दोनों प्रदान करेगी।

❖ सभी कोच दिन में यात्रा के लिए चेयर कार प्रकार के होंगे और एग्जीक्यूटिव क्लास में 180-डिग्री घूमने वाली सीटें होंगी।

❖ स्टेनलेस स्टील बॉडी और निरंतर खिड़की के शीशों के साथ आधुनिक लुक।

❖ सभी कोच पूरी तरह से सील गैंवे (गैलरी) द्वारा आपस में जुड़े होंगे, जिससे यात्री आसानी से एक कोच से दूसरे कोच में जा सकेंगे।

❖ सभी प्रणोदन उपकरण (Propulsion Equipment) को ट्रेन के ऊपर से नीचे (Under-slung) स्थानांतरित किया गया है। सभी पावर उपकरण जैसे लाइन एवं ट्रैक्शन कन्वर्टर, सहायक कन्वर्टर, एयर कंप्रेसर, बैटरी बॉक्स, बैटरी चार्जर, ब्रेक चॉपर रेसिस्टर फ्रेम के नीचे लगाए गए हैं।

❖ इसमें स्वचालित प्लग प्रकार के दरवाजे और रिट्रैक्टेबल फुट स्टेप होंगे, जो स्टेशनों पर अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे।

❖ यात्रा को और भी आनंददायक बनाने के लिए सभी कोच में ऑन-बोर्ड वाई-फाई, इंफोटेनमेंट और जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली (PIS) होगी, जो यात्रियों को यात्रा की स्थिति की जानकारी देती रहेगी।

❖ सभी कोच में एक-एक ऑन-बोर्ड मिनी पेंट्री होगी।

❖ डीटीसी (ड्राइविंग ट्रेलर कोच) में दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रावधान, व्हीलचेयर की जगह और विशेष शौचालय होगा।

❖ ट्रेन में आलीशान इंटीरियर और डिफ्यूज़्ड एलईडी लाइटिंग होगी।

❖ इन कोचों के शौचालय ज़ीरो डिस्चार्ज वैक्यूम आधारित बायो-टॉयलेट और टच-फ्री फिटिंग्स से लैस होंगे।

❖ सभी कोच, ड्राइविंग कैब सहित, वातानुकूलित होंगे।

❖ बेहतर मैकेनिकल कपलर्स और आधुनिक बोल्स्टर-रहित डिजाइन बोगियों के साथ पूरी तरह से निलंबित ट्रैक्शन मोटर, प्न्यूमेटिक सेकेंडरी सस्पेंशन और एंटी-रोल बार लगे होंगे।

❖ ब्रेक सिस्टम इलेक्ट्रो प्न्यूमेटिक (EP ब्रेक) होगा, जिसमें ब्रेक डिस्क सीधे पहियों पर लगे होंगे, जिससे ब्रेकिंग दूरी कम होगी और ट्रेन की पूरी गति क्षमता का उपयोग हो सकेगा।




Source : उत्तर रेलवे / भारतीय रेल पोर्टल CMS Team Last Reviewed : 12-08-2025  


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